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2 MUKHI RUDRAKSHA 2 मुखी रुद्राक्ष के चमत्कारी लाभ

दो मुखी रुद्राक्ष को भगवान शिव और मां पार्वती का रूप कहा जाता है। इसके अलावा इसका स्वामी चंद्रमा ग्रह है। इस रुद्राक्षण को धारण करने वाले व्‍यक्‍ति की सभी समस्‍याएं खुद ईश्‍वर दूर करते हैं। वैवाहिक सुख की प्राप्‍ति के लिए भी इस रुद्राक्ष को धारण किया जाता है। दो मुखी रुद्राक्ष सीधे सीधे भगवान शिव और माँ पारवती का स्वरुप है | इसे अर्धनारीश्वर का स्वरुप भी कहा गया है | इस रुद्राक्ष को धारण करने से शिव और शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है | वैसे तो इस रुद्राक्ष की उत्पति नेपाल, इंडोनेशिया व् भारत में कई स्थानों पर होती है लेकिन नेपाल का दो मुखी रुद्राक्ष सबसे श्रेष्ठ माना गया है |

दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के लाभ –

  • इसके धारक का क्षेत्र में सम्मान बढ़ता है, रूप, सौंदर्य अवं वाक्शक्ति की वृद्धि करता है |
  • ज्योतिष के अनुसार कर्क राशी के जातकों के लिए दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करना शुभ माना गया है |
  • पति पत्नी के आपसी मतभेदों को कम करके ग्रहस्थ सुख की बढ़ोतरी करता है |
  • शारीरिक बिमारियों में यह मोटापे और ह्रदय रोग को दूर करने में लाभकारी है |
  • इसको धारण करने से दांपत्य जीवन सुखी रहता है |
  • यह पहनने वाले के अन्तर्मन को ठीक करता है और सदैव पित्त को शांत रखता है |
  • इसके धारण से भूत प्रेत की बाधा भी दूर होती है और सभी प्रकार की इच्छाएँ धीरे धीरे पूर्ण होने की ओर बढ़ने लगती हैं |
  • दो मुखी रुद्राक्ष का धारक महाशिवपुराण के अनुसार ब्रह्म हत्या एवं गाए हत्या के पाप से भी मुक्त हो सकता है |
  • दो मुखी रुद्राक्ष भगवान चन्द्र देव के अधिकार क्षेत्र में आता है |
  • इसके धारण करने से मन में चन्द्रमा की चांदनी जैसी शीतलता प्रदान होती है मनुष्य ने जीवन में कई प्रकार के अगर पाप भी किए हों और अंतिम अवस्था में अगर दो मुखी रुद्राक्ष धारण किया हो तो जीवन में पापी होने के बावजूद मरणोपरांत स्वर्ग की प्राप्ति होती है इसलिए हर जन को अर्धनारीश्वर स्वरुप भगवान शिव और शक्ति के आशीर्वाद के रूप में नेपाली दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए |
  • यदि आप क़र्ज़ से पीड़ित है और कर्ज बढ़ता ही जा रहा है तो ऐसे में दो मुखी रुद्राक्ष को धारण करना आपके लिए जीवन में नई खुशियाँ ला सकता है | दो मुखी रुद्राक्ष धारण करने से क़र्ज़ से मुक्ति पाने के द्वार खुलने लगते है |
  • यह ऊपरी बाधाओं को भी दूर करने में सक्षम माना गया है | भूत-प्रेत जैसी नकारात्मक शक्तियाँ दो मुखी रुद्राक्ष के धारण करने से दूर होती है |
  • जिन लोगों को अनिद्रा की शिकायत है उन्हे दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए |
  • राहु के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए भी इस रुद्राक्ष को धारण करना चाहिए |
  • यह पहनने वाले को समाज में मान-सम्मान दिलाता है |
  • यह रुद्राक्षधारी के सौंदर्य में वृद्धि और उसकी वाकशक्ति को बढ़ाता है |
  • यह दो मुखी रुद्राक्ष स्मृति हानि, हृदय की समस्याओं, श्वसन, यकृत और श्वास समस्या जैसी बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है |
  • 2 मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। पारिवारिक सुख के लिए भी इस रुद्राक्ष को पहन सकते हैं |
  • भूत-प्रेत से रक्षा एवं ब्रह्म हत्‍या और गऊ हत्‍या के पाप से मुक्‍ति पाने के लिए इस रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं |
  • इससे पेट, गैस्ट्रिक या किडनी की समस्या वाले लोगों को भी फायदा होता है।
  • प्राचीन हिंदू वैदिक ग्रंथों के अनुसार, एक 2 मुखी रुद्राक्ष नपुंसकता, एकाग्रता की कमी, गुर्दे की विफलता, तनाव, चिंता, अवसाद, नकारात्मक सोच, आंखों की समस्याओं को दूर करता है।
  • मानसिक अराजकता, उन्माद, आंतों के विकार आदि जैसे विभिन्न रोगों के उपचार के लिए उल्लेखनीय रूप से काम करता है।
  • यह किडनी और आंत से संबंधित बीमारियों को ठीक करता है।
  • यह पहनने वाले की प्रजनन क्षमता और यौन स्वास्थ्य में सुधार करता है।

2 मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि –

  • इसे पेडेंट या ब्रेसलेट के रूप में पहना जा सकता है।
  • 2 मुखी रुद्राक्ष को सोने एवं चाँदी के साथ पहनें अथवा इसे लाल धागे के साथ पहनें।
  • आप इसे उस स्थान पर भी रख सकते हैं जहां आप पूजा करते हैं।
  • रुद्राक्ष धारण करने से पूर्व रुद्राक्ष को गंगा जल और कच्चा दूध से शुद्ध करें।
  • इसे रविवार को सुबह स्नानादि और पूजा-अर्चना के बाद धारण करना चाहिए।
  • इसके बाद रुद्राक्ष मंत्र ‘ॐ ह्रीं नम:’ का 108 बार जाप करें और धारण करे। 

नोट – हमारे द्वारा उपलब्ध सभी प्रकार के रुद्राक्ष एवं तंत्र, ज्योतिषी सामग्री को हमारे अनुभवी विद्वान पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित एवम् सिद्ध कर के आपके पास भेजा जाता है, जिससे आपको अति शीघ्र इसका पूर्ण लाभ मिल सके।

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EK MUKHI RUDRAKSHA एक मुखी रुद्राक्ष के चमत्कारी लाभ

एक मुखी रुद्राक्ष स्वयं भगवान शिव के समान है। रुद्राक्ष को “दिव्य मनका” के नाम से भी जाना जाता है। एक गोल एक मुखी रुद्राक्ष अत्यंत दुर्लभ है और इसलिए “एक मुखी रुद्राक्ष” को आमतौर पर “आधा चंद्रमा आकार का एक मुखी रुद्राक्ष” और “चंद्र एक मुखी रुद्राक्ष” के रूप में भी जाना जाता है। इस एकमुखी रुद्राक्ष के प्रभाव में मनुष्‍य अपनी इंद्रियों को वश में कर ब्रह्म ज्ञान की प्राप्‍ति की ओर अग्रसर होता है।

जिस घर में एक मुखी रुद्राक्ष की पूजा की जाती है, उस स्थान पर देवी मललक्ष्मी का आशीर्वाद होता है। यह रुद्राक्ष सभी इच्छाओं को पूरा करता है और समृद्धि, भाग्य, भाग्य, सांसारिक सुखों के साथ-साथ अपने पहनने वाले को उद्धार भी लाता है। भगवान शिव स्वयं इस रुद्राक्ष को पहनने वाले से प्रसन्न होते हैं और उनके मार्ग की कोई भी बाधा दूर हो जाती है, जिससे वे एक समृद्ध और शक्तिशाली जीवन जी सकते हैं।

एक मुखी रुद्राक्ष के चमत्कारी लाभ –

  • एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति की आध्यात्मिक इच्छाएँ पूर्ण होती हैं, जीवन में समृद्धि आती है और मन को शांति मिलती है।
  • जो व्यक्ति इस रुद्राक्ष को धारण करता है उसके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि तथा व्यक्तित्व का विकास होता है।
  • यह रुद्राक्ष करियर तथा व्यवसाय में सफलता दिलाने में सहायक होता है।
  • इस एकमुखी रुद्राक्ष के प्रभाव में मनुष्‍य अपनी इंद्रियों को वश में कर ब्रह्म ज्ञान की प्राप्‍ति की ओर अग्रसर होता है।
  • इसे धारण करने से मनुष्‍य की उसके शत्रुओं से रक्षा होती है। धन प्राप्‍ति में भी एकमुखी रुद्राक्ष सहायक होता है।
  • इस रुद्राक्ष को धारण करने वाले व्यक्ति को आर्थिक लाभ और समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है।
  • यदि कोई व्यक्ति रक्त, हृदय, आँख और सिर आदि से संबंधित विकार से पीड़ित है तो उसके लिए यह रुद्राक्ष चमत्कारिक उपाय है।
  • यह रुद्राक्ष बुरी आदतों (नशीले पदार्थ का सेवन आदि) को छुड़वाने में सहायक है।
  • इस रुद्राक्ष की मदद से धारणकर्ता अपनी इंद्रियों को वश में कर ब्रह्म ज्ञान की प्राप्‍ति की ओर अग्रसर होता है।
  • हाई ब्‍लड प्रेशर के मरीज़ों के लिए यह रुद्राक्ष बहुत फायदेमंद रहता है।
  • एक मुखी रुद्राक्ष मनका दुनिया में सबसे दुर्लभ मोतियों में से एक है।
  • एक मुखी रुद्राक्ष सभी प्रकार के मनोवैज्ञानिक विकार, मानसिक पीड़ा और अवसाद को ठीक करता है।
  • एक मुखी मनका मानसिक और विक्षिप्त विकार को दूर करने में लाभदायक है।
  • यदि कुंडली में सूर्य कमज़ोर हो अथवा अस्त तो एक मुखी रुद्राक्ष का धारण करना चाहिए।
  • यदि किसी क्रूर ग्रह की दशा या अंतर्दशा चल रही है तो भी एक मुखी रुद्राक्ष को पहना जा सकता है। इसको धारण करने से सूर्य के नकारात्मक प्रभाव दूर हो जाते हैं।
  • एक मुखी रुद्राक्ष शक्ति, ऊर्जा, सत्य और मोक्ष का प्रबल स्रोत होता है। इस रुद्राक्ष का स्वामी सूर्य ग्रह होते है और भगवान शिव इसके स्वामी देव हैं।
  • इस रुद्राक्ष को धारण करने वाला व्यक्ति स्वयं को भगवान शिव और पारलौकिक जीवन से जुड़ा हुआ पाता है।

एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि –

  • एक मुखी रुद्राक्ष को सोने एवं चाँदी के साथ पहनें अथवा इसे लाल धागे के साथ पहनें।
  • सोमवार, पूर्णिमा अथवा शिवरात्रि के दिन इस रुद्राक्ष को धारण करें।
  • रुद्राक्ष धारण करने से पूर्व रुद्राक्ष को गंगा जल और कच्चा दूध से शुद्ध करें।
  • “ॐ ह्रीं नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें और धारण करे

नोट – हमारे द्वारा उपलब्ध सभी प्रकार के रुद्राक्ष एवं तंत्र, ज्योतिषी सामग्री को हमारे अनुभवी विद्वान पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित एवम् सिद्ध कर के आपके पास भेजा जाता है, जिससे आपको अति शीघ्र इसका पूर्ण लाभ मिल सके।

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Dakshinvarti Shankh दक्षिणावर्ती शंख Benefits of Dakshinvarti Shankh

ज्योतिष के अनुसार ये शुक्र देव और लक्ष्मी जी की कारक वस्तु माना जाता है। इसको पास रखने मात्र से ही हर इच्छा पूरी होने लगती है। इस चिराग से हर तरह का वास्तु दोष दूर हो जाता है। धन और भौतिक सुख के कारक शुक्र और लक्ष्मी की प्रिय वस्तु माने जाने वाले इस चिराग को दक्षिणावर्ती शंख कहा जाता है।

साधारणत: मंदिर में रखे जाने वाले शंख उल्टे हाथ के तरफ खुलते हैं और बाज़ार में आसानी से ये कहीं भी मिल जाते हैं लेकिन दक्षिणावर्ती शंख एक दुर्लभ वस्तु है। ये आसानी से नहीं मिल पाता है क्योंकि दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी का स्वरुप माना जाता है। इसलिए ही ज्योतिष में बताया गया है कि दक्षिणावृत्त शंख घर में होने पर लक्ष्मी का घर में वास रहता है।

तंत्र शास्त्र ने भी इस अनोखे चिराग के लिए कहा है कि सीधे हाथ की तरफ खुलने वाले शंख को यदि पूर्ण विधि-विधान के साथ लाल कपड़े में लपेटकर अपने घर में अलग- अलग स्थान पर रखें तो हर तरह की परेशानियों का हल हो सकता है।

दक्षिणावर्ती शंख के लाभ –

  • दक्षिणावर्ती शंख पुण्य के ही योग से प्राप्त होता है। यह शंख जिस घर में रहता है, वहां लक्ष्मी की वृद्धि होती है। इसका प्रयोग अर्घ्य आदि देने के लिए विशेषत: होता है।
  • घर में यह शंख रखने से सम्मान की प्राप्ति, लक्ष्मी वृद्धि, यश और कीर्ति वृद्धि, संतान प्राप्ति, बाँझपन से मुक्ति, आयु की वृद्धि, शत्रु भय से मुक्ति, सर्प भय से मुक्ति, दरिद्रता से मुक्ति मिलती है ।
  • दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर उसे जिसके ऊपर छिड़क दिया जाये तो वह व्यक्ति तथा वस्तु पवित्र हो जाता है |
  • सीधे हाथ की तरफ खुलने वाले शंख को यदि पूर्ण विधि-विधान के साथ लाल कपड़े में लपेटकर अपने घर में अलग- अलग स्थान पर रखें तो हर तरह की परेशानियों का हल हो सकता है।
  • दक्षिणावर्ती शंख को तिजोरी मे रखा जाए तो घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
  • वास्तु-दोषों को दूर करता है, यह शंख जहां होता है वहां कई तरह के रोगों से मुक्ति मिलती है। इनके पूजन से श्री समृद्धि आती है।
  • दक्षिणावर्ती शंख जहां भी रहता है, वहां धन की कोई कमी नहीं रहती।
  • दक्षिणावर्ती शंख को अन्न भण्डार में रखने से अन्न, धन भण्डार में रखने से धन, वस्त्र भण्डार में रखने से वस्त्र की कभी कमी नहीं होती। शयन कक्ष में इसे रखने से शांति का अनुभव होता है।
  • इसमें शुद्ध जल भरकर, व्यक्ति, वस्तु, स्थान पर छिड़कने से दुर्भाग्य, अभिशाप, तंत्र-मंत्र आदि का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
  • किसी भी प्रकार के टोने-टोटके इस शंख के आगे निष्फल हो जाते हैं।

पूजन और स्थापना की विधि –

तंत्र शास्त्र के अनुसार दक्षिणावर्ती शंख को विधि-विधान पूर्वक जल में रखने से कई प्रकार की बाधाएं शांत हो जाती है और भाग्य का दरवाजा खुल जाता है। साथ ही धन संबंधी समस्याएं भी समाप्त हो जाती हैं। दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। इसका शुद्धिकरण इस प्रकार करना चाहिए- लाल कपड़े के ऊपर दक्षिणावर्ती शंख को रखकर इसमें गंगाजल भरें और कुश के आसन पर बैठकर इस मंत्र का जप करें :

“ऊँ श्री लक्ष्मी सहोदरया नम:”

इस मंत्र की कम से कम 1 माला जप करें और इसके बाद शंख को पूजा स्थान पर स्थापित कर दें |

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Tiger Eye Stone टाइगर आई/चित्ती पत्थर बाघ आंख के चमत्कारी लाभ

” टाइगर रत्न ” सबसे अधिक प्रभावी तथा बहुउपयोगी एवं शीघ्र फल प्रदान करने वाला स्टोन है। इस रत्न पर टाइगर के समान पिली एवं काली धारिया होने के कारण इसे ” टाइगर रत्न ” कहते है। यह प्रभाव में भी चीते के समान त्वरित फल प्रदान करता है। इसे धारण करने से तुरन्त फल की प्राप्ति हो जाती है। जो व्यकित आत्म विश्वाश की कमी के कारण बार बार व्यापार एवं अन्य कार्यो से असफल होता हो या दुखी जीवन व्यतीत कर रहा हो, उस व्यकित को टाइगर स्टोन गजब का का आत्म विश्वाश प्रदान करता है। इसे धारण करने से हर क्षेत्र में पूर्ण सफलता मिलती है तथा व्यकित साहसी एवं पुरुषार्थी बनता है। शेर जैसा आत्म बल और साहस भी यह रत्न प्रदान करता है। डरपोक और उदासीन व्यक्तियों का यह रत्न अदृश्य साथी माना गया है।

यह रत्न उन व्यक्तियों के लिए भी शुभ फल प्रदान करता है। जिनका भाग्य सोया हुआ हो। सोए भाग्य से आशय है कि व्यक्ति अपने प्रयासों का पूर्ण फल नही ले पा रहा हो। मेहनत का फल बराबर नही मिल रहा हो, पग-पग पर विभिन्न परेशानियों एवं संघर्षो का सामना कर पड़ रहा हो। जीवन में मृत्यु तुल्य दुःख भोग रहा हो, यश कीर्ति की कमी हो , दुश्मनों से परेशान हो, गरीबी, दरिद्रता जाने का नाम ना ले रही हो। ऐसी सिथति में टाइगर स्टोन वरदान साबित होता है । इसे प्राण प्रतिष्ठा सिद्ध करवा कर धारण करने से हर प्रकार के दुखों से निजात मिलती है। सोए हुए भाग्य को टाइगर स्टोन जगा देगा। यदि आप अन्य ग्रहों को भी इस टाइगर स्टोन से जगाना चाहते है तो निम्न प्रकार से टाइगर स्टोन को धारण करे। यह एक रत्न सभी ग्रहों को जगाने का बल रखता है।

टाइगर स्टोन पहनने के लाभ –

  • ✅जिसका व्यापार घाटे में जा रहा हो , सरकार संबंधित परेशानियां बढ़ती जा रही हो , व्यापार में लगातार घाटा बढ़ता जा रहा हो तो टाइगर स्टोन शुक्ल पक्ष के बुधवार को बुध की होरा में अनामिका उंगली में धारण करे।
  • कार्य स्थल पर व अन्य जगहों से मान – सम्मान , प्रतिष्ठा , प्रसिद्धि प्राप्त करने व यश ,कीर्ति की पताका फहराने के इच्छुक टाइगर स्टोन शुक्ल पक्ष की अष्टमी को तर्जनी उंगली या अनामिका उंगली में धारण करे।
  • जिस व्यकित का विवाह नही हो रहा हो सगाई तक भी ना हो पा रही हो उस जातक को शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि या गुरु पुष्य योग में धारण करने से शीघ्र विवाह के योग बनते है।
  • जिस लड़की का विवाह ना हो रहा हो सगाई टूट जाती हो , सगाई हो ही नही पा रही हो उस लड़की को टाइगर रत्न नाग पंचमी के दिन या गुरु पुष्य योग में इसे धारण करने से शीघ्र ही विवाह के योग बनते है।
  • जिन व्यकितयों के सन्तान होती है मर जाती है या बार – बार आबर्शन हो जाता है तब ऐसी सिथति में दोनो पति-पत्नी बराबर वजन का टाइगर रत्न प्राण प्रतिष्ठा करवा कर शुक्ल पक्ष में जब स्त्री मासिक धर्म में हो तब धारण करे तुरंत लाभ होगा।
  • जिस घर में लड़ाई – झगड़ा अधिक होता हो , सुख शांति न हो , छोटी – छोटी बातों पर क्लेश हो जाता हो तो उस परिवार का मुखिया टाइगर रत्न सोमवार के दिन चंद्र की होरा में आम के पत्ते के रस का अभिषेक करवा कर धारण करे । टाइगर रत्न सिद्ध व प्राण प्रतिष्टित होना चाहिये।
  • यदि आप कर्ज में डूबते जा रहे हैं तो कर्ज मुक्ति के लिए शुक्रवार के दिन अभिमंत्रित किया हुआ टाइगर आई रत्‍न को गले में लॉकेट के रूप में श्वेत धागे में धारण करें।
  • शत्रुओं से परेशान व्यकित मंगलवार के दिन मंगल की होरा में टाइगर स्टोन धारण करे।
  • घर में जिन बच्चों या व्यक्तियों को बार – बार नजर लग जाती हो उन्हें टाइगर स्टोन गले में धारण करना चाहिये। 
  • बार-बार वाहन दुर्घटना हो जाती हो तो प्राण प्रतिष्ठित टाइगर स्टोन मंगलवार के दिन धारण करे।
  • यदि आप निरन्तर कर्जे में डूबते जा रहे हो तो शुक्रवार के दिन सिद्ध किया हुआ टाइगर स्टोन गले में लॉकेट के रूप में सफेद धागे में धारण करे।
  • जिन व्यक्तियों को नोकरी में समस्या आ रही या कार्यस्थल में परेशानी हो रही हो तो रविवार को सूर्य की होरा में टाइगर स्टोन धारण करने से लाभ होगा।
  • काले जादू और बुरी नजर से बचने के लिए टाइगर आई स्‍टोन (Tiger Eye stone) सबसे कारगर उपाय है।

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Sulemani Hakik Stone (सुलेमानी हक़ीक एक बेहद चमत्कारी नगीना)

सुलेमानी हकीक को चमत्कारी रत्न इस लिए कहा गया हैं क्यों की की यह एक बेहद चमत्कारी नगीना है इस लिए इसे सुलेमानी रत्न का नाम दिया गया हे शास्त्रो में बहुत से रत्नों का उल्लेख मिलता है सुलेमानी हकीक भी उनमें शामिल है । यह रत्न एक ऐसा रत्न है जो तीन ग्रहों शनि , राहु और केतु के दोष दूर करता है इसके अतिरिक्त यदि आप पर कोई तंत्र मंत्र क्रिया जादू-टोना किया गया है तो यह उसके प्रभाव को भी खत्म करता है ।

जिस हकीक में सफेद पट्टियां पाई जाती हैं उसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। सुलेमानी रतन एक तोहफा है जिससे किसी भी राशि के जातक पहन कर अपनी ज़िन्दगी को खुशहाल बना सकते है माना जाता है सुलेमानी हकीक एक ऐसा चमत्कारी रत्न है जो आपको लोगो की बुरी नजर से बचा कर रखता है । हकीक एक अल्पमोती पत्थर है, जिसे उपरत्न की श्रेणी में मानाजाता है, यह अपारदर्शक होता है, जो कि अनेक रंगो में पाया जाता है, प्राचीनकाल से ही हकीक को ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण माना गया है, आजकल प्राकृतिक रत्न इतने महंगे हैं, कि हर कोई उन्हें खरीद नहीं सकता ।

जो लोग महंगे रत्न खरीदने में असमर्थ हैं, वे अपने ग्रहों के अनुसार या किसी भी रंग के हकीक को धारण कर सकते हैं । हकीक या हकीक से बनी माला को ज्योतिष के लिहाज से बेहद ही लाभदायक माना गया है। ऐसी मान्यता है की हकीक की माला से जप करने से भगवान शिव अति प्रसन्न हो जाते है। इसके अलावा हकीक की माला फेरने के साथ यदि हनुमान जी के मन्त्र का जप किया जाए, तो यह भी अति लाभप्रद होता है। जीवन में कितना भी बड़े सा बड़ा कष्ट क्यों न आये हकीक के प्रभाव से स्वयं की रक्षा के साथ-साथ उन कष्टों का निवारण भी हो जाता है। हकीक को पहनने से तीन ग्रहों शनि, राहु केतु के दोष दूर हो जाते हैं, इसके अलावा हकीक को पहनने से बुरी नज़र से भी बचाव होता है, साथ ही आपके बिज़नेस में आ रही रुकावट भी दूर हो जाती है ।

सुलेमानी हकीक के लाभ :-

1. सुलेमानी हकीक एक ऐसा चमत्कारी रत्न है जो आपको लोगो की बुरी नजर से बचा कर रखता है । हकीक को पहनने से या उसे आस-पास रखने मात्र से ही आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होती है। यह नकारात्मक ऊर्जा को बाहर करता है जिससे उदासी, उलझन और चिड़चिड़ा पन दूर होता है।

2. आपका व्यवसाय और नौकरी मे काला जादू या टोना – टोटका की वजह से अडचने आ रही हे तो सुलेमानी हकीक पत्थर उसका काट कर देता है और व्यवसाय में बढ़ोतरी होती है । हकीक पहनने से व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति ज्यादा समर्पित होता है। ऐसा माना जाता है कि इसको पहनने से कार्यक्षेत्र में ज्यादा अच्छा परफार्मेंस हो जाता है, काम में मन लगता है और बेकार की बातें मन में नहीं आती हैं। हृदय और मस्तिष्क के बीच संतुलन बनाता है जिससे निर्णय क्षमता में भी वृद्धि होता है।

3. अगर आपको लगता हे आपके शत्रु ज़्यादा है या आपका शत्रु आपको परेशान करता है या आप पर जादू टोना करवाता है तो आपका उसके किए हुए जादू टोना से बचाव करता है और आपके शत्रु को परास्त करता है | आपका शत्रु आपके सामने शक्तिहीन हो जाता है ।

4. किसी भी कारण से अगर आपके घर मे बरकत नहीं हो रही हो तो भी आप सुलेमानी हकीक रत्न पहन सकते हे इससे आप के घर मे गरीबी दूर हो जायेगी और घर मे बरकत होने लगेगी । हकीक को प्रोटेक्टिव स्टोन यानि की सुरक्षा करने वाले रत्न की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है। हकीक साथ रखने से बुरी नजर आप पर नहीं पड़ती और बुरी आत्माओं से भी आपका बचाव होता है। इसलिए ही माताएं अपने नवजात बच्चों के आस-पास इस पत्थर को रखती हैं।

5. सुलेमानी हकीक एक ऐसा रत्न हे जो काला जादू ख़त्म करता है और बुरी नज़र से बचाव करता है । माना जाता है कि हकीक को घर में या पास में रखने से सौभाग्य की वृद्धि होती है अर्थात भाग्योदय होता है। शनि देव की कृपा पाने के लिए काला हकीक या उसकी माला पहनना सबसे उत्तम माना गया है। जो लोग शनि से संबंधित वस्तुओं का व्यापार करते हैं, उन्हें काला हक़ीक पहनने से अवश्य ही लाभ होगा। इसके अलावा शनि देव के प्रकोप से बचने के लिए भी काले हक़ीक या उसकी माला का प्रयोग लाभकारी होता है। काले हक़ीक की माला से शनि के मंत्र का जप करना अत्यंत लाभकारी होता है।

6. जो लोग अक्सर बीमार रहते हे जिनकी सेहत हमेशा ख़राब रहती हे जिस कारण शारीरिक तोर पर कमजोरी हो जाती हैं तो उन लोगो को सुलेमानी हकीक जरुर धारण करना चाहिए उस से आपकी सेहत में काफ़ी अच्छा सुधार होगा ।

7. सुलेमानी हकीक को धारण करने के बाद लोग आपकी तरफ आकर्षित होने लगते है और आपको महत्त्व देने लगते है । गुणों से भरा हुआ यह पत्थर शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और प्राकृतिक रूप से व्यक्ति को बैलेंस करता है। ऐसा देखा गया है कि बैड रूम में इस पत्थर को रखने से नींद अच्छी आती है और रात को चौंक कर जागने की आदत भी कम हो जाती है।

8. जिन लोगो को भुत प्रेत का भय अक्सर परेसान करता हैं उन लोगो को सुलेमानी हकीक रत्न जरुर धारण करना चहिये । यह माला बहुत ही प्रभावशाली होती है, इसके इस्तेमाल करने से जातक के मन से डर का खात्मा हो जाता है, साहस में वृद्धि होती है। शत्रुओं से बचाव हो जाता है, इसके साथ ही एक सुरक्षा की भावना मन में उत्पन्न होती है।

9. ऐसा कहा गया हे जिस की कुण्डली मे राहु, केतु और शनि द्वारा बाधा आ रही हो उन लोगो को सुलेमान हकीक पहना चाहिए ताकि उनके दुष्रिणामों को दूर करे और व्यक्ति को सफलता मिलने लगे | हकीक के मोतियों की माला पहनने से मानसिक शांति मिलती है, मन में बुरे विचार नहीं आते, तन-मन रिलैक्स हो जाता है। किसी भी बुरे वक्त का जातक डटकर सामना करने में सक्षम हो जाता है। इसके प्रभाव से एकाग्रता में वृद्धि होती है, किसी भी काम के प्रति टेंशन नहीं रहती।

10. जिन लोगो को अनिद्रा की परेशानी हैं उनके लिए सुलेमानी हकीक बहुत फयदेमंद हैं । हकीक रिश्तों को अच्छा बनाए रखने के लिए भी बहुत उपयोगी माना गया है। यह शादी-शुदा जीवन में प्यार को बरकरार रखता है।

11. सुलेमानी हकीक बुरे विचारे को दूर करने और बुद्धि को तेज बनाने मे मदद करता हैं । घर से दरिद्रता दूर करने के लिए काले हकीक की माला को पूजा घर में स्थित माता लक्ष्मी के फोटो पर चढ़ाने से जातक के आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होना शुरू हो जाता है।

सुलेमानी रत्न को धारण करने की विधि –

प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व या सुबह स्नान करने के बाद मंगलवार या शनिवार के दिन यह हकीक या माला धारण करना शुभ फलदायक होता है। काला हकीक व उसकी की माला धारण करते समय शनि, तथा मंगल देव को याद करते हुए पूरी श्रद्धा से पूजा अर्चना करके 108 बार शनि के बीज मन्त्र – ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः मंगल के बीज मंत्र- ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: का जाप जरुर करना चाहिए।

1 आपको सुलेमानी हकीक शनिवार को धारण करना है ।
2 इसको कच्ची लस्सी या फिर गोमूत्र से धो कर पहनना हैं ।
3 इसको मध्यमा उंगली में धारण करना है ।
4 इसको आप चाँदी की अंगूठी में धारण करना है व सीधे हाथ में धारण करना है ।
5 अगर आप उंगली में धारण नही करना चाहते है तो चाँदी के लॉकेट में भी गले में धारण कर सकते है ।
6 शनिवार के दिन सुलेमानी हकीक को कोई भी व्यक्ति धारण कर सकता है इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं ।

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चमत्कारी राज मोहिनी जड़ी (Raj Mohini Jadi For Vashikaran)

मोहिनी जड़ी एक ऐसा नाम है जिसे सुनते ही शरीर में एक रोमांच पैदा हो जाता है। राज मोहिनी जड़ी वशीकरण मंत्र, कई जड़ी-बुटियों में भी वशीकरण, सम्मोहन और तंत्र-मंत्र का जबरदस्त प्रभाव छिपा होता है। उनमें कुछ हमें हमारे आसपास आसनी से मिल जाती हैं, जबकि कुछ बहुत ही दुर्लभ होती हैं। इन्हीं में से एक दुर्लभ पौध है राज मोहिनी। इस पौधे की जड़ का उपयोग तंत्र-मंत्र और वशीकरण के लिए बहुत ही प्राचीनकाल से होता आया है। यह एक विशेष किस्म का पौधा है। इसक पत्तीयां मोटी और चिकनी मिश्रित हरे-पीले रंग की होती हैं। इसे बगीचे में उगाया नहीं जा सकता। मोहिनी एक प्रकार की जड़ी है जो तंत्र पूजन में प्रयोग की जाती है ज्यादातर सम्मोहन या वशीकरण में। आप इसे यन्त्र या कवच के रूप में भी बनवा सकते है। रहस्यमई मोहिनी विद्या के लिए मोहिनी शब्द प्रयुक्त होता है, हम बात कर रहे हैं उस रहस्यमई जड़ी राज मोहिनी नामक वनस्पति की ।

पहचान के लिए अगर आप हाथ मे लेकर इसे पानी मे डाल कर बाहर निकालेंगे तो यह अपने आप घूमने लगती है और विशेष बात यह है कि ये हमेशा सीधी दिशा मे ही घूमती है कभी उल्टी दिशा में नहीं घूमती, और यदि दो जड़ी को एक साथ पानी में डाल कर निकालेंगे तो यह दोनों आपस मे एक दूसरे से लिपअट जाती है मोहिनी जड़ी भगवन विष्णु के मोहिनी अवतार का ही स्वरुप मानी जाती है इसीलिए इसमें प्राकृतिक रूप से सम्मोहन की शक्ति है। मोहिनी जड़ी को मोहिनी क्रिया में प्रयोग किया जाता है, Tantra Astro द्वारा असली शुद्ध मोहिनी उपलब्ध है जो की व्यक्ति विशेष के नाम एवं कार्य अनुसार यंत्र में सिद्ध अभिमंत्रित जाग्रित कर दिया जाता हैI

यह नाचने वाला पौधा भी कहलाता है, जो पानी के संपर्क में आते ही स्वतः हिलने-डुलने लगता है। इसकी जड़ में ही मोहिनी शक्ति होती है। वास्तु शास्त्र की तरह चीन की चर्चित फेंग शुई में भी इस पौधे का जिक्र क्रोसुला नाम से किया गया है। इसके अनुसार भी घर में रख देने मात्र से पैसा अपनी ओर खींचता है। इसकी पत्तियां अन्य पौधों के पत्ते की तरह आसानी से टूटती नहीं हैं। यह दुर्लभ पौधों में से एक है, जिसकी पहचान जड़ी-बुटियों का जानकार ही कर सकता है। अनुभवी व्यक्ति ढूंढकर इसकी जड़ी को जमीन से निकाल पाता है। तंत्रिक के अनुसार इसे विशेष रात्री के समय में एक विशेष मंत्र जाप के साथ निकाला जाता है। इससे राज मोहिनी जड़ी की विशिष्टता और प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है और इसके इस्तेमाल के लिए तांत्रिक की सलाह के आनुसार ही किया जाना जरूरी है। राज मोहिनी जड़ी की विशिष्टता और प्रभाव संबंध में कुछ तथ्य और मान्यताएं इस प्रकार हैंः-

  • सबसे पहले तो यह की मोहिनी जड़ी बूटी को राज मोहिनी जड़ी बूटी के नाम से भी जाना जाता हैं।
  • यह जड़ी बूटी बहुत ही दुर्लभ मानी जाती हैं, यह जुडी बूटी आपको कही पर भी आसानी से नहीं मिलती, या फिर ऐसा मानो की इस जड़ी बूटी की प्रजाति विलुप्त हो रही हैं, अगर आपको कही पर यह जड़ी बूटी मिल जाए तो यह बहुत अच्छी हैंI
  • इस जड़ी बूटी को बहुत ही रहसयमय जड़ी बूटी माना जाता है, क्योंकि यह किसी वनस्पति की जड़ में से प्राप्त होती हैंI
  • इस जुडी बूटी की खास बात यह है की इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल ज्योतिष शास्त्र, आयुर्वेदिक तथा तंत्र मंत्र वशीकरण आदि में भी किया जाता हैंI
  • इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल आयुर्वेदिक में कम बुद्धि लोगो के लिए किया जाता हैं, ताकि इस जड़ी बूटी से व्यक्ति की बुद्धि में वृद्धि हो सकेI
  • ज्योतिष शास्त्र में इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल धन की प्राप्ति के लिए किया जाता हैं, ऐसा माना जाता है की इस जड़ी बूटी के इस्तेमाल से हम हमारे धन में वृद्धि कर सकते हैंI
  • तंत्र मंत्र और वशीकरण विद्या में इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल किसी को भी अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए किया जाता हैं, तांत्रिक इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल व्यक्ति को वशीकरण करने के लिए करते हैंI
  • वैसे तो इसके पास से गुजरने वाला हर व्यक्ति उससे आकर्षित हो जाता है, लेकिन इसका सक्रिय प्रभाव व्यक्ति के सामने जड़ी को पानी में डालने पर ही दिखता है।
  • इसके पानी में डालते ही यदि वह तेजी से घुमने लगे तो समझें वह व्यक्ति आपके वश में आ चुका है। उससे अपनी मनोकामना पूर्ण कर सकते हैं। यानी आप जो कहेंगे उसका वह पालन करेगा। इस प्रभाव का सकारात्मक इस्तेमल करना चाहिए।
  • इसे पानी में डालकर बाहर निकालते ही सीधी दिशा में घूमती है। यह कभी भी उल्टी दिशा में नहीं घूमती। दो जड़ी को पानी में डालने पर वे आपस में लिपट जाती हैं।
  • इस जड़ी को धारण करने के कुछ नियम बताए गए हैं। जैसे इसे पहनने की बात गुप्त रखें। भगवान विष्णु की आराधना करें। गलत और छल-कपट जैसे कार्य नहीं करें। अनैतिक यौन संबंध के लिए पर स्त्री गमन नहीं करें।
  • इस रहस्यमी जड़ी से किसी भी तरह का वशीकरण संभव है। इसे हासिल करने का अर्थ भगवान विष्णु की कृपा का होना होता है। कारण इसे विष्णु के स्वरूप माना गया है।
  • मान्यता है कि यदि इसे कोई चखकर जिस किसी व्यक्ति को मुस्कुराते हुए देख ले, और वह भी उसकी मुस्कुराहट का जवाब मुस्कुराहट से दे तब उसपर सम्मोहित हो जाता है। उसकी समस्त भावनाएं और सोच का वशीकरण हो जाता है।
  • इसका इस्तेमाल अलग-अलग कार्यों के लिए विभिन्न विधियों से किया जाता है। जिसमें मनोवांछित कार्य में सफलता या किसी के वशीकरण जैसे कार्य हो सकते हैं।
  • कारोबार में उन्नति, शादी में हो रहे विलम्ब या मनपसंद जीवन साथी की प्राप्ति में इसका तांत्रिक उपयोग किया जा सकता है। इसका उपयोग राजनीतिक प्रभाव और सामाजिक मान-मर्यादा बढ़ाने में भी होता है।
  • इसकी मदद से सामूहिक सम्मोहन भी किया जा सकता है। किसी सभा को संबोधित करते हुए कक्षाओं में स्टुडेंट की पढ़ाई के प्रति एकाग्रता बनाने आदि में राज मोहिनी जड़ का सकारात्मक प्रयेग किया जा सकता है।
  • इसके इस्तेमाल से पति-पत्नी के बीच आपसी संबंध मधुर बनते हैं और उनका जीवन सुखमय बीतता है। स्त्री या पुरुष दोनों एक दूसरे के सम्मोहन के लिए शुभ मुहूर्त में धारण कर सकते हैं।
  • प्रेमियों के लिए विवाह का योग बनाने में राज मोहनी जड़ी का अचूक असर होता है।
  • इसका अधिक इस्तेमाल तांत्रिक साधनाओं के लिए किया जाता है। जिसमें भूत-प्रेत और भटकी आत्माओं को आकर्षित करने जैसी क्रियाएं हैं। वे भूत-प्रेत की चपेट में आए व्यक्ति को इस प्रयोग से छुटकारा दिलाते हैं। तांत्रिक साधन से राज मोहिनी जड़ी के प्रभाव से अकस्मिक मृत्यु के कारण भटकती आत्मा को भी मुक्ति मिल जाती है।
  • इसका औषधीय उपयोग मनोरोग में किया जाता है, जबकि इसके धारण करने से नौकरी के लिए इंटरव्यू सफलता मिलती है।
  • इसे पीसकर सम्मोहनकारी तिलक बनाया जाता है, जिसके उपयोग से वशीकरण किया जा सकता है।
  • तांत्रिक की सलाह के अुनसार इसका उपयोग गलत धारणा से नहीं करना चाहिए। जैसे किसी का वशीकरण उसके द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को परेशन करना या दुश्मनी बढ़ाना। इसी तरह से गलत धारणा से किसी स्त्री का वशकरण करने इस जड़ी का घरेलू कलह जैसा परिणाम भी पड़ सकता है।

नोट – हमारे द्वारा Tantra Astro उपलब्ध सभी प्रकार के रुद्राक्ष एवं तंत्र, ज्योतिषी सामग्री को हमारे अनुभवी विद्वान पंडित जी द्वारा अभिमंत्रित एवम् सिद्ध कर के आपके पास भेजा जाता है, जिससे आपको अति शीघ्र इसका पूर्ण लाभ मिल सके।

Raj Mohini jadi

Raj Mohini jadi is a special kind of jadi an extraordinary herb which is found in the forest. It is used in special kinds of tantric karma especially for attraction sammohan, vashikaran, it is specially wished by experts or tantrik priests for particular purposes, for love, health wealth, and much more. Best For Business and Getting More And More Profit In All Type Of business. How To Know Mohini Jadi Is Original or Not.? put this jadi in a water of bowl and see for 1 to 5 mints only and you can see that this jadi automatic moving. How to use for Money luck and power. every day in the morning take a fresh water in bowl and put this Mohini jadi in water and keep at safe place and same day evening put out from water and keep safe. You fill that this Mohini jadi work every day and due to this your luck also work, do this every day. this is very powerful to attract luck money and all think which is you want.

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Machh Mani Sea Stone

अति दुर्लभ मच्छमणि (मकरध्वज) Macch Mani

अत्यंत दुर्लभ मणि मच्छमणि (मकरध्वज), मच्छमणि एक दुर्लभ मणि है। राहू ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए इस मणि से बेहतर और कोई मणि नहीं हैं।  छाया ग्रह राहू के दोष को शांत करने के लिए मच्छ मणि से बेहतर और कोई उपाय इस संसार में मौजूद नहीं है। इस एक रत्न की मदद से व्यक्ति अपने जीवन की हर मुश्किल से मुक्ति पा सकता है और अपने जीवन को सुखी बना सकता है। अगर जीवन से हताश या निराश हैं तो, इस मणि को जरुर धारण करें।

मच्छ मणि के चमत्कारी लाभ

➡️राहू ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए या राहू की महादशा या अन्तर्दशा चल रही हैं, तो मच्छ मणि को धारण करना लाभदायक होता हैं।

➡️जो व्यक्ति राजनीति में पूर्ण रूप से सक्रिय है और सफल होने की इच्छा रखते है, उन्हें मच्छमणि जरुर धारण करना चाहिए।

➡️आप भी ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीने के सपने देखते है परन्तु धन की कमी के कारण सभी सपने साकार होने से पहले ही मुरझा जाते है तो मच्छमणि आपको अवश्य धारण करना चाहिए।

➡️यदि किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है, कालसर्प दोष के कारण जीवन में आए दिन नई नई मुसीबतें आ रही है, मानसिक शारीरिक तथा आर्थिक कष्ट बढ़ रहे है तो मच्छमणि रत्न अवश्य धारण करना चाहिए।

➡️इस रत्न के प्रभाव से कालसर्प दोष के कारण उत्पन्न होने वाले कष्टों का निवारण बहुत जल्दी हो जाता है।

➡️इसे धारण करने वाला व्यक्ति सभी प्रकार के कामकाज तनाव से बाहर आकर एक खुशहाल जीवन व्यतीत करता है।

➡️राहु ग्रह बाधा निवारण के लिए यह अचूक मणि है। हार गए है या थक गए है तो एक बार मणि को जरूर धारण करें, आपके लफ्ज न बदल जाये तो बताना।

➡️राहु कि महादशा/आंतर दशा चल रही हौं तो रात को एक कटोरे में मणि रख कर ऊस पर समुद्री नमक से भरें सुबह मणि को कच्चे दुध एवं गंगा जल से धो कर कलाई पर बांध लें।

➡️कुंडली मे राहु गृह जन्मपत्री मे राहु गृह गोचर या दशा मे पीड़ित होने पर व्यक्ति की मतिभ्रम, छल-कपट, झूठ बोलना, चोरी, तामसिक भोजन, ज्यादा नशा करना, षड्यंत्र, छिपे शत्रु, अनैतिक कर्म, आलस्य, नकारात्मक सोच व टोने टोटका, तंत्र मंत्र से पीड़ित होता है। ऐसे व्यक्ति को मच्छ मणि हाथो या गले मे मंत्र जाप कर धारण करनी चाहिए।

➡️काला जादू (ब्लैक मेजिक) जन्मपत्री में अशुभ योग, नजर दोष, व्यापार में रूकावट ईत्यादि के लिए रात को गंगा जल में रखे, सुबह को कच्चा दूध, शहद, घी और दही के मिश्रण में रखें, गंगाजल से धोकर हनुमानजी के चरणों का सिंदुर से मस्तिष्क पर तिलक करें एवं ऊ हनुमंते नम: का 108 बार मंत्र जाप करें एवं धारण करें।

➡️वास्तु दोष निवारण के लिए रात को कच्चे दूध में डुबो कर रखें,सुबह गंगा जल से धोकर शिवलिंग पर रखकर दुध एवं जल का अभिषेक करें, घर के मुख्य द्वार पर टांग दे।

➡️जब भी हमे या बच्चो को घर के किसी कमरे या कोने मे अनजान वस्तु / छाया का अहसास हो, तो वहां पर कांच के बर्तन मे दो मच्छ मणि पानी मे रखने से नरात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कुछ ही मिनटों मे हो जाएगा।

➡️किडनी रोग, पेट रोग, निराशा, राहु गृह के शुभ प्रभाव बढ़ाने के लिए, काल सर्प दोष, केमद्रुम दोष, ग्रहण दोष, गुरु चांडाल दोष, नकरात्मकता, जिद्दीपन, शरीर मे थकावट, नजर दोष, ऊपरी बाधा व व्यापार बंधन के लिए मच्छ मणि को साबुत नमक के पानी मे भिगो कर राहु मंत्र (ॐ रां राहवे नमः) से 108 बार अभिमंत्रित कर धारण करना चाहिए।

➡️मणि किसी भी जीव मे ऑक्सलेट, कैल्शियम आदि तत्वों क़ी प्रकिया से बनती है। जैसे सर्प के मस्तक मे सर्प मणि, हाथी के मस्तक मे गज मणि, इंसान के शरीर मे स्टोन व मछली के मस्तक मे मच्छ मणि। मच्छ मणि का प्रभाव कुछ ही सेकंडो मे औरा स्कैनर से मापा जाता है।

➡️मछली राहु गृह कारक व कुछ मछली के मस्तक मे मच्छ मणि होती है। जिसे वह अपने मरने से कुछ देर पहिले उगल देती है।

➡️मच्छमणि कोई साधारण रत्न नहीं है बल्कि यह बहुत ही दुर्लभ मणि है। इसे पहनने वाले व्यक्ति को जीवन के हर प्रकार के तनाव से मुक्ति मिलती है और उसका जीवन खुशहाल बनता है।

➡️मच्छमणि एक दुर्लभ मणि है। राहू ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए इस मणि से बेहतर और कोई मणि नहीं हैं। यह एक प्राचीन मणि होने के साथ-साथ बहुत ही दुर्लभ मणि हैं।

➡️यह धारणकर्ता को सभी प्रकार के तनावों से मुक्त कर एक सुखी जीवन व्यतीत करने की प्रेरणा देता हैं। इसे धारण करने के बाद राहू ग्रह की पीड़ा शांत होती हैं। इस मणि के बारें में लोगों को अधिक जानकारी न होने के कारण यह अधिक प्रचलन में नहीं आ सका।

➡️कलयुग में व्यक्ति का जीवन भगादौडी वाला हो गया हैं, अच्छा जीवनयापन सभी चाहते हैं परन्तु हालात सभी के लिए एक जैसे नहीं रहते, जीवन में कई बार धन-संपत्ति, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि में दिक्कते आती हैं, ऐसे में अपनी इच्छाओं की पूर्ति और उत्तम स्वास्थ्य के लिए तंत्रएस्ट्रो.कॉम आपके लिए लेकर आये हैं 100% ओरिजनल मच्छमणि। अगर जीवन से हताश या निराश हैं तो, इस मणि को जरुर धारण करें।

मच्छमणि सम्बंधित पौराणिक कथा –

रामायण में हनुमान जी के एक पुत्र मकरध्वज की कथा का वर्णन है। मकरध्वज एक मछली के गर्भ से पैदा हुआ था जो न केवल एक मछली थी बल्कि वह एक मां भी थी। इस मछली ने अपने बेटे मकरध्वज की रक्षा के लिए अपने सिर से पत्थर निकाला और उसे अपने पुत्र को सौंप दिया। मकरध्वज का जन्म राहु काल में हुआ था। मछलियों के सिर के पत्थर का उपयोग कलियुग में राहु के बुरे प्रभावों और लोगों को रोगों से बचाने के लिए किया जाता है।रामायण का एक वृतांत है जब भगवान हनुमान ने लंका को जला दिया था और बाहर आ गए थे और समुद्र के ऊपर उड़ रहे थे, उस समय उनके शरीर का तापमान बहुत गर्म था।

इस वजह से उनके शरीर से बहुत पसीना शुरू लगा। इस पसीने के पसीने की बूंद समुद्र में तैर रही एक मछली के मुंह गिर गई। पसीने की इस बूंद से मछली गर्भवती हो गई और उसने भगवान हनुमान जी के पुत्र मकरध्वज को जन्म दिया। इस मछली को अहिरावण ने पाताल लोक ले गया था और इसे काटने लगा। तब मकारध्वज नामक एक बंदर उस मछली के गर्भ से पैदा हुआ था। उसके हाथ में एक रत्न था। अहिरावण ने मकरध्वज से पूछा कि उसने एक मछली के गर्भ से कैसे जन्म लिया है और उनके हाथ में यह पत्थर क्या है।तब मकरध्वज ने उसे बताया कि यह पत्थर मेरी मां के सिर से निकला है।

अहिरावण को मछली को मारने का दुख हुआ और उन्होंने मकरध्वज को अपना मंत्री बना लिया। बाद में अहिरावण ने अपने भाई रावण के अनुरोध पर पाताल लोक में निडर के दौरान ही भगवान राम और उनके भाई लक्ष्मण का अपहरण कर लिया। जब हनुमान जी भगवान राम को मुक्त करने के लिए वहां पहुंचे तो उन्हें मकरध्वज से युद्ध करना पड़ा। मकरध्वज युद्ध हार गया और फिर उसने भगवान हनुमान जी को अपना परिचय दिया।

हनुमान जी ने मकरध्वज को गले लगाया और फिर उसे रस्सी से बांध दिया।हनुमान जी ने अहिरावण और उसके भाई महिरावण का वध किया और भगवान राम और लक्ष्मण को मुक्त किया। तब वह भगवान राम को मकरध्वज से मिलवाने लाए। भगवान राम ने मकरध्वज को आशीर्वाद दिया और उन्हें पाताल लोक का राजा बनाया और उन्हें बताया कि उनके पास जो पत्थर है वह दुर्लभ मछलियों के सिर से निकलेगा। जिस व्यक्ति के पास मच्छ मणि होता है वह खुशहाल जीवन बिताता है। यह राहु ग्रह बाधा निवारण के लिए अचूक रत्न है।मच्छमणि की उत्पत्ति –कहते हैं मच्छमणि श्रीलंका के समुद्र में बहुत गहरे पानी में रहने वाली मछली के पेट में बनती हैं।

पूर्णिमा की रात्रि को यह मछली समुद्र के तट पर तैरती हैं, उस समय मछुआरे मछली को अपनी टोकरी में पकड़ते हैं और अपने अनुभव से उनकों यह ज्ञात होता हैं कि कौनसी मछली के पेट में मच्छमणि है, मछली के पेट को दबाते ही मछली मणि को बाहर निकाल देती हैं और फिर मछुआरे उस मछली को पानी में वापिस छोड़ देते हैं। इस प्रकार से बड़े ही कड़े परिश्रम के बाद इस मच्छमणि की प्राप्ति होती हैं।

shukra mani tantraastro

SHUKRA MANI STONE (चमत्कारी शुक्र मणि रत्न)

ज्‍योतिष के अनुसार मनुष्‍य के जीवन में शुक्र ग्रह बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लक्ष्मी जी, माँ काली और गुरु शुक्राचार्य जी को शुक्र ग्रह से सम्बंधित माना गया है। नौ ग्रहों में से एक शुक्र ग्रह को भी बहुत लाभकारी और शुभ माना गया है। यह व्‍यक्‍ति को सभी प्रकार के भौतिक सुख प्रदान करता है और सुख-सुविधाएं देता है। अगर शुक्र ग्रह मज़बूत है तो वह व्‍यक्‍ति को सभी प्रकार के भौतिक सुख प्रदान करता है और सुख-सुविधाएं देता है। परन्तु अगर शुक्र कमज़ोर है तो इंसान रोग, शोक, पीड़ा से पीड़ित हो सकता है। शुक्र ग्रह की पीड़ा से बचने के लिए शुक्र मणि स्टोन बहुत ही लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

शुक्र मणि पहनने के लाभ –

  • जीवन में प्रेम, धन, आकर्षण, सौंदर्य और सुख की प्राप्‍ति के लिए शुक्र ग्रह की कृपा मिलना अनिवार्य है और शुक्र देव की कृपा दिलाता है शुक्र मणि रत्न ।
  • शुक्र मणि एक चमत्‍कारिक रत्‍न है जो आपके लिए सुखों एवं प्रेम के देवता शुक्र ग्रह को प्रसन्‍न करने का काम करता है।
    शुक्र का रत्‍न शुक्र मणि आपके जीवन को सुखों से परिपूर्ण और धन-धान्‍य से समृद्ध बना देता हैं ।
  • ज्‍योतिष के अनुसार मनुष्‍य के जीवन में ग्रहों का बहुत महत्‍व होता है। ग्रहों में से एक शुक्र ग्रह को भी बहुत लाभकारी और शुभ माना गया है। यह व्‍यक्‍ति को सभी प्रकार के भौतिक सुख प्रदान करता है और सुख-सुविधाएं देता है। वैवाहिक जीवन मे आ रही अड़चने दूर करता है । शादी में आ रही अड़चने दूर करने के लिए चांदी का बना यंत्र में शुक्रमणि धारण करनी चाहिये।
  • जिन लोगों का जन्‍म अप्रैल के महीने में हुआ है, उन्‍हें शुक्र मणि जरूर धारण करना चाहिए।
  • यह स्‍टोन हर तरह की बीमारियों एवं विकारों के इलाज में मदद करता है। मानसिक और शारीरिक व्‍याधियों से शुक्र मणि स्‍टोन आपको रक्षा प्रदान कर सकता है। यह बीमारी पैदा करने वाली ऊजाओं और नकारात्‍मकता को सोख लेता है और उन्‍हें पर्यावरण में छोड़ने में भी मदद करता है।
  • शुक्र ग्रह का भाग्‍य रत्‍न डायमंड होता है जो कि बहुत महंगा आता है। इस वजह से हर कोई डायमंड नहीं पहन पाता है और ऐसे में शुक्र मणि धारण कर आप अपने जीवन में शुक्र देव का आशीर्वाद पा सकते हैं।
  • चमत्‍कारिक शुक्र मणि सभी तरह की बुरी शक्‍तियों और ऊजाओं को नष्‍ट करता है। अगर कोई आपकी सफलता से जलता है या ईर्ष्‍या करता है तो शुक्र मणि ऐसे लोगों से आपकी रक्षा कर सकता है।
  • शुक्र मणि के प्रभाव से सभी अंगों से बीमारियां और विषाक्‍त पदार्थ निकालने में मदद मिलती है। यह शरीर को स्‍वस्‍थ रखने में भी लाभकारी है।
  • यदि आपकी याद्दाश्‍त कमजोर है या क्रिएटिव सोचने में दिक्‍कत होती है तो शुक्र मणि आपके दिमाग के बंद ताले को खोलकर आपकी मानसिक और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।
  • शुक्र मणि मूड को बेहतर कर सकता है और आपको अपने आसपास की नेगेटिविटी से बचाता है।

शुक्र मणि कैसे धारण करें –

शुक्‍ल पक्ष या किसी भी शुक्रवार की सुबह स्‍नान के बाद घर के पूजन स्‍थल में बैठ जाएं। एक तांबे का पात्र लें और उसमें कच्‍चा दूध या गंगाजल डालें। इसमें शुक्र मणि को डुबो दें और 108 बार ‘ऊं शुक्राय नम:’ का जाप करें। जाप पूर्ण होने पर धूप-दीप दें और फिर इसे धारण कर लें।

शुक्र मणि किस दिन पहनना चाहिए –

यह शुक्र ग्रह का रत्‍न है इसलिए इसे शुक्रवार के दिन धारण करना चाहिए।

Gaurav Garg

“The reading I received from you really helped me see the light in my life. Your ability to use my natal chart to connect with me felt like magic. I felt rejuvenated after our conversation had ended. This reading uncovered what I was looking for. You gave me a sense of self I had lost, and encouraged me to keep pushing forward. Thank you so much for you support and blessings !!”

Priya Mishra

“When I came to the TantraAstro for a reading, I wasn’t particularly a believer of astrology. I’m a corporate type who thinks astrology readings are for parlor games. However, as I followed TantraAstro’ horoscopes, I found them uncannily accurate, so I booked a reading and I’ve been a client ever since. Although I can’t explain it, their readings have been laser accurate and provided profound insight.  He has been totally right about my life.

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